नवरत्नों में शंकु: शोध वास्तव में क्या कहता है
शंकु विक्रमादित्य की किंवदंती नवरत्न सूची में सबसे अनाम नाम हैं। कोई भी सत्यापित शोध-स्रोत उन्हें गणितज्ञ, खगोलशास्त्री या वास्तुकार नहीं मानता, ये दावे केवल बिना उद्धरण वाली GK वेबसाइटों पर मिलते हैं। वास्तविक रूप से प्रलेखित शंकुक एक अलग व्यक्ति हैं: 9वीं शताब्दी के कश्मीरी कवि और सौंदर्यशास्त्री जिन्होंने भुवनाभ्युदयम् लिखा और रस-सिद्धांत पर एक महत्वपूर्ण अनुमितिवाद प्रस्तुत किया। यह गाइड परंपरा और शोध के बीच का अंतर स्पष्ट करती है।