सिंहस्थ 2028 तिथियाँ और कार्यक्रम
उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की सभी तिथियों, समय और कार्यक्रम की पूरी जानकारी। 27 मार्च – 27 मई, 2028।
Vikram Samvat 2085 · Sacred Bathing Calendar
Simhastha Kumbh Mela 2028
सिंहस्थ कुम्भ मेला — स्नान तिथि कैलेंडर, उज्जैन
March 2028
चैत्र शुक्ल पक्ष
Festival Opens · Chaitra Navratri Begins
NAVRATRI DAY 1
BRAHMACHARINI
CHANDRAGHANTA
KUSHMANDA
SKANDAMATA
KATYAYANI
April 2028
चैत्र → वैशाख
Ram Navami · First Shahi Snan · Akshaya Tritiya
KALARATRI
DURGASHTAMI
NAVRATRI ENDS
FIRST ROYAL BATH
BAISAKHI
VAUTHINI EKADASHI
PITRU TARPAN
AKSHAYA TRITIYA
SHANKARACHARYA JAYANTI
May 2028
वैशाख → ज्येष्ठ
Second & Third Shahi Snan · Festival Closes
MOHINI EKADASHI
PRADOSH SNAN
Buddha PurnimaSHAHI SNAN — 3
FINAL ROYAL BATH
SUN ENTERS TAURUS
APARA EKADASHI
Complete Snan Schedule — Simhastha 2028
| No. | Date | Tithi | Type | Significance |
|---|---|---|---|---|
| — | 27 March 2028 Monday | Chaitra Shukla Pratipada चैत्र शुक्ल प्रतिपदा | Festival Opens | Mela begins. Chaitra Navratri commences on the same day. |
| 1 | 9 April 2028 Sunday | Chaitra Purnima चैत्र पूर्णिमा | Shahi Snan 1 | First Royal Bathing. All 13 Akharas take the sacred dip in procession on the Kshipra. |
| 2 | 20 April 2028 Thursday | Chaitra Krishna Ekadashi वैथिनी ऐकादशी | Parva Snan 1 | Vauthini Ekadashi — a major Vaishnava observance with fasting and river bathing. |
| 3 | 24 April 2028 Monday | Vaishakh Amavasya वैशाख अमावस्या | Shahi Snan 2 | New moon — Pitru Tarpan day. Second Royal Bathing with Akhara processions. |
| 4 | 27 April 2028 Thursday | Vaishakh Shukla Tritiya अक्षय तृतीया | Parva Snan 2 | Akshaya Tritiya — one of the most auspicious dates in the Hindu calendar. |
| 5 | 29 April 2028 Saturday | Vaishakh Shukla Panchami वैशाख शुक्ल पंचमी | Parva Snan 3 | Shankaracharya Jayanti — birth anniversary of Adi Shankaracharya. |
| 6 | 5 May 2028 Sunday | Vaishakh Shukla Ekadashi मोहिनी ऐकादशी | Parva Snan 4 | Mohini Ekadashi — considered among the most meritorious Ekadashis of the year. |
| 7 | 6 May 2028 Monday | Vaishakh Shukla Trayodashi प्रदोष व्रत | Parva Snan 5 | Pradosh Vrat — sacred to Lord Shiva. Evening bathing and worship on the Kshipra. |
| 8 | 8 May 2028 Wednesday | Vaishakh Purnima · Buddha Purnima वैशाख पूर्णिमा | Shahi Snan 3 | Final and grandest Royal Bathing. Vaishakh full moon — also observed as Buddha Purnima. |
| 9 | 15 May 2028 Wednesday | Vrishabh Sankranti वृषभ संक्रान्ति | Parva Snan 6 | Sun's transit into Taurus — a solar Sankranti bathing occasion. |
| 10 | 19 May 2028 Sunday | Vaishakh Krishna Ekadashi अपरा ऐकादशी | Parva Snan 7 | Apara Ekadashi — believed to absolve sins and grant liberation to ancestors. |
| — | 27 May 2028 Monday | Jyeshtha Shukla Tritiya ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया | Festival Closes | 62-day Simhastha Mahaparva concludes. Final prayers and dispersal of pilgrims. |
Note: Official confirmation from the Madhya Pradesh Government is expected in 2027.
शाही स्नान तिथियाँ 2028 - मुख्य स्नान तिथियाँ
सिंहस्थ कुंभ मेला के दौरान तीन शाही स्नान की तिथियाँ सबसे पवित्र और सर्वाधिक भीड़ वाले दिन होते हैं। इन प्रमुख तिथियों पर करोड़ों श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में पवित्र स्नान करते हैं।
तीनों शाही स्नान तिथियों पर अधिकतम उपस्थिति की संभावना रहती है। बेहतर पहुँच के लिए सुबह 3-4 बजे तक पहुँचें। भीड़ एक रात पहले से जमा होना शुरू हो जाती है।
ये तिथियाँ ज्योतिषीय गणनाओं (सिंह राशि में गुरु) पर आधारित हैं। अंतिम आधिकारिक तिथियों की घोषणा अखाड़ा परिषद द्वारा की जाएगी।
पहला शाही स्नान (पूर्णिमा)
9 अप्रैल, 2028 (रविवार) संभावित
- सर्वोत्तम समय: सूर्योदय से पहले (सुबह 4:00-6:00 बजे)
- महत्व: सबसे गहन स्नान चरण की आधिकारिक शुरुआत। पूर्णिमा का चंद्रमा आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाता है।
- भीड़: 5-10 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावना
दूसरा शाही स्नान (अमावस्या)
24 अप्रैल, 2028 (सोमवार) संभावित
- सर्वोत्तम समय: सूर्योदय से पहले (सुबह 4:00-6:00 बजे)
- महत्व: अमावस्या का पितृ कर्मों में विशेष महत्व होता है। पितृ तर्पण के लिए सर्वश्रेष्ठ तिथि।
- भीड़: 8-12 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावना
तीसरा शाही स्नान (वैशाख पूर्णिमा)
8 मई, 2028 (सोमवार) संभावित
- सर्वोत्तम समय: सूर्योदय से पहले (सुबह 4:00-6:00 बजे)
- महत्व: हिंदू पंचांग का सर्वाधिक शुभ दिन। अक्षय (अविनाशी) आध्यात्मिक पुण्य और आशीर्वाद की प्राप्ति।
- भीड़: सर्वाधिक भीड़ (12-15 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावना)
सिंहस्थ कार्यक्रम तिथियाँ - पूर्ण अवधि
सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की अवधि 27 मार्च से 27 मई तक कुल 62 दिनों की है। यह अब तक का सबसे लंबा सिंहस्थ है। इस पूरी अवधि में विभिन्न शुभ तिथियाँ तीर्थयात्रा के लिए अवसर प्रदान करती हैं।
| चरण | आरंभ तिथि | समापन तिथि | अवधि | महत्व |
|---|---|---|---|---|
| सिंहस्थ पूर्व तैयारी | 1 मार्च, 2028 | 26 मार्च, 2028 | 26 दिन | बुनियादी ढाँचे का निर्माण, शासकीय घोषणाएँ |
| आधिकारिक सिंहस्थ अवधि | 27 मार्च, 2028 | 27 मई, 2028 | 62 दिन | शाही स्नान तिथियों सहित मुख्य तीर्थयात्रा काल |
| सिंहस्थ पश्चात् समापन | 28 मई, 2028 | 27 जून, 2028 | 31 दिन | श्रद्धालुओं की संख्या में क्रमिक कमी, सफ़ाई चरण |
प्रमुख तिथियाँ
मेष संक्रांति ज्योतिषीय नव वर्ष और सिंहस्थ की आधिकारिक शुरुआत का प्रतीक है। सरकार द्वारा मेले का उद्घाटन, अस्थायी संरचनाओं का संचालन और श्रद्धालु शिविरों की शुरुआत होती है।
एक द्वितीयक खगोलीय घटना, जो विशेष अनुष्ठानों और गौण स्नान संस्कारों के लिए महत्वपूर्ण है।
सिंहस्थ काल का आधिकारिक अंत। संस्थागत सहयोग में क्रमिक कमी, हालाँकि कुछ श्रद्धालु जून तक यात्रा करते रहते हैं।
पर्व स्नान तिथियाँ 2028 - गौण स्नान तिथियाँ
तीन मुख्य शाही स्नान तिथियों के अतिरिक्त, 62 दिनों की अवधि में सात पर्व स्नान (गौण स्नान) तिथियाँ भी हैं। ये तिथियाँ शाही स्नान की तुलना में कम भीड़ वाली होती हैं, फिर भी इनका आध्यात्मिक महत्व है और ये सार्थक तीर्थयात्रा के अवसर प्रदान करती हैं।
पर्व स्नान तिथियाँ (२०२८)
| तिथि | भीड़ स्तर |
|---|---|
| 20 अप्रैल 2028 | हल्की-मध्यम |
| 27 अप्रैल 2028 | मध्यम |
| 29 अप्रैल 2028 | हल्की |
| 1 मई 2028 | हल्की-मध्यम |
| 13 मई 2028 | हल्की |
| 17 मई 2028 | मध्यम |
| 25 मई 2028 | हल्की |
पर्व स्नान तिथियाँ क्यों चुनें?
- कम भीड़: अधिक आरामदायक और शांतिपूर्ण स्नान का अनुभव।
- बेहतर मंदिर दर्शन: महाकालेश्वर और अन्य पवित्र मंदिरों में सुगम दर्शन।
- कम आवास दरें: गैर-पीक तिथियों पर होटल और ठहरने की दरें कम होती हैं।
- कम ट्रैफ़िक: यातायात की भीड़ और सड़क बंदी में उल्लेखनीय कमी।
- आध्यात्मिक पुण्य: सभी पर्व स्नान तिथियाँ आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण हैं; पुण्य केवल शाही स्नान तक सीमित नहीं है।
ज्योतिषीय महत्व
सिंहस्थ कुंभ मेला की तिथियाँ वैदिक ज्योतिष में विशिष्ट ग्रह-नक्षत्र संयोगों द्वारा निर्धारित होती हैं। सिंहस्थ तब आयोजित होता है जब बृहस्पति ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करता है - यह खगोलीय घटना प्रत्येक 12 वर्षों में एक बार होती है।
- बृहस्पति: संपूर्ण 62 दिनों की अवधि में सिंह राशि में
- सूर्य: मेष से मिथुन राशि में संक्रमण
- शनि: मीन राशि में (आध्यात्मिक विकास में सहायक)
- शुक्र: वृष राशि में (भक्ति भाव को बढ़ाने वाला)
अपनी तीर्थयात्रा की योजना बनाएँ
अधिकतम आध्यात्मिक अनुभव के लिए: शाही स्नान तिथियों (9 अप्रैल, 24 अप्रैल, या 8 मई) पर जाएँ। भारी भीड़ को देखते हुए 24 घंटे पहले पहुँचने की योजना बनाएँ।
आरामदायक तीर्थयात्रा के लिए: पर्व स्नान तिथियों पर जाएँ - घाटों और मंदिरों तक बेहतर पहुँच के साथ शांत अनुभव मिलेगा।
- न्यूनतम: 3-4 दिन
- आरामदायक: 7-10 दिन
- संपूर्ण: 14-21 दिन