नवरत्नों में घटकर्पर: यमक-कवि, उनका काव्यम् और एक असाधारण रहस्य
घटकर्पर वह नवरत्न हैं जिनका नाम "टूटा हुआ घड़ा" या "ठीकरा" का अर्थ रखता है, लगभग निश्चित रूप से एक साहित्यिक उपनाम। उन्हें घटकर्परकाव्यम् (यमक शैली में 22 पद्यों का दूतकाव्य) और नीतिसार का श्रेय दिया जाता है। अभिनवगुप्त ने स्वयं इस काव्य पर भाष्य लिखा, लेकिन वह काव्य को कालिदास का मानते हैं, किसी अलग कवि घटकर्पर का नहीं। वे कूटनीतिज्ञ, प्रशासक या नीति-विशेषज्ञ नहीं थे, यह वर्णन किसी भी स्रोत में नहीं मिलता।