मेनू

सुरक्षा और महत्वपूर्ण सुझाव

कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। आपकी यात्रा सुखद और सुरक्षित हो, इसके लिए इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें।

भीड़ और घाट प्रबंधन

  • धैर्य रखें: भीड़भाड़ वाले इलाकों और स्नान घाटों पर धैर्य बनाए रखें। धक्का-मुक्की बिल्कुल न करें।
  • दिशा-निर्देशों का पालन करें: पुलिस, स्वयंसेवकों (volunteers) और लाउडस्पीकर पर दी जा रही घोषणाओं को ध्यान से सुनें।
  • स्नान सीमा का ध्यान रखें: नदी में सुरक्षित सीमा (बैरिकेडिंग या जंजीर) से आगे न जाएं, भले ही आपको तैरना आता हो।

स्वास्थ्य और साफ-सफाई

  • फर्स्ट-एड किट: अपनी नियमित दवाइयां, बैंड-एड, और दर्द निवारक गोलियां हमेशा साथ रखें।
  • साफ पानी और भोजन: केवल बोतलबंद पानी पिएं या साफ पानी का स्रोत चुनें। खुले में रखा कटा हुआ फल या जंक फूड खाने से बचें।
  • स्वच्छता बनाए रखें: कचरा हमेशा डस्टबिन में ही डालें। पवित्र क्षिप्रा नदी को साफ रखने में प्रशासन की मदद करें।

कीमती सामान की सुरक्षा

मेले में पिकपॉकेट (जेबकतरों) से सावधान रहें। भारी मात्रा में नकद (cash) और महंगे आभूषण पहनने से बचें। अपना मोबाइल और पर्स हमेशा आगे की जेब में रखें या एक सुरक्षित क्रॉस-बॉडी बैग का उपयोग करें।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सलाह

बच्चों की जेब में एक पर्ची जरूर रखें जिसमें उनके माता-पिता का नाम और मोबाइल नंबर लिखा हो। बुजुर्गों को अकेले न छोड़ें और उनके साथ कोई न कोई युवा सदस्य हमेशा रहे। अगर कोई खो जाता है, तो तुरंत निकटतम "खोया-पाया केंद्र" (Lost and Found Center) या पुलिस बूथ से संपर्क करें।

मेला प्रशासन के आधिकारिक निर्देश

क्या करें (Do's)

  • मेला प्रशासन द्वारा अधिकृत विशेष स्नान क्षेत्रों/घाटों का उपयोग करें।
  • अपने ठहरने के स्थान के निकटतम घाट का उपयोग करें।
  • कोई भी संदिग्ध वस्तु मिलने पर तुरंत मेला प्रशासन या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।
  • शहर के यातायात नियमों और विनियमों का पालन करें।
  • किसी भी असुविधा से बचने के लिए केंद्रीय पब्लिक एड्रेस सिस्टम के निर्देशों का पालन करें।
  • कचरा केवल डस्टबिन में डालें।
  • धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उचित पोशाक पहनें।

क्या न करें (Don'ts)

  • प्लास्टिक बैग का उपयोग वर्जित है — सरकार और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार।
  • नदी के किनारे कपड़े न धोएं।
  • नावों में क्षमता से अधिक लोग न बैठें।
  • भिक्षावृत्ति को प्रोत्साहित न करें।
  • नदी में स्नान करते समय साबुन का उपयोग न करें।
  • पूजा-अर्चना में उपयोग की गई सामग्री नदी में न फेंकें।

गर्मी और लू से बचाव (अप्रैल-मई)

  • हर घंटे पानी पिएं: अप्रैल-मई में उज्जैन में तापमान 42°C तक पहुंच सकता है। हर घंटे कम से कम 1 गिलास पानी जरूर पिएं।
  • सुबह जल्दी या शाम को घूमें: सुबह 6 बजे से 10 बजे और शाम 4 बजे के बाद का समय घाट दर्शन के लिए सबसे अच्छा है। दोपहर 12 से 3 बजे घर के अंदर या छांव में रहें।
  • लू के लक्षण पहचानें: तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, या बहुत अधिक पसीना बंद होना — ये लू के संकेत हैं। तुरंत छांव में जाएं, ORS पिएं और नजदीकी चिकित्सा शिविर जाएं।
  • हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें: सफेद या हल्के रंग के सूती कपड़े गर्मी को कम करते हैं। सिर पर गमछा या टोपी जरूर रखें।

डिजिटल सुरक्षा (फोन, UPI, फोटो)

  • UPI ऐप्स में लॉक लगाएं: PhonePe, Google Pay, Paytm जैसे ऐप्स पर अलग से PIN लगाएं ताकि फोन खोने पर भी पैसे सुरक्षित रहें।
  • ऑफलाइन मैप डाउनलोड करें: Google Maps या Maps.me पर उज्जैन का ऑफलाइन मैप पहले से डाउनलोड करें क्योंकि भीड़ में नेटवर्क धीमा हो जाता है।
  • अनजान QR कोड स्कैन न करें: मेले में फर्जी QR कोड से ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। केवल विश्वसनीय दुकानों पर ही UPI से भुगतान करें।
  • परिवार के साथ लोकेशन शेयर करें: Google Maps का "Share Live Location" फीचर इस्तेमाल करें ताकि परिवार के सदस्य एक-दूसरे को ट्रैक कर सकें।

आपातकालीन नंबर - उज्जैन

सेवा नंबर
पुलिस 100
एम्बुलेंस 108
अग्निशमन 101
मेला कंट्रोल रूम 0734-2512700
खोया-पाया केंद्र 112

शाही स्नान के दिनों के लिए विशेष सुझाव

शाही स्नान के दिन (अप्रैल 9, अप्रैल 24, मई 8) — इन दिनों उज्जैन में 50+ लाख श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

  • एक दिन पहले पहुंचें: शाही स्नान वाले दिन सड़कें 12-24 घंटे पहले बंद हो सकती हैं। एक दिन पहले पहुंचकर ठहरें।
  • गाड़ी दूर पार्क करें: राम घाट के 5 किमी के दायरे में वाहन नहीं जा सकते। प्रशासन द्वारा निर्धारित पार्किंग का उपयोग करें और शटल बस लें।
  • एक मिलन बिंदु तय करें: परिवार के साथ एक पहचाना स्थान मिलन बिंदु तय करें (जैसे कोई मंदिर का द्वार) ताकि भीड़ में बिछड़ने पर मिल सकें।
  • भीड़ से दूर रहें: सुबह 4 से 8 बजे के बीच भीड़ सबसे ज्यादा होती है। जो बुजुर्ग या बच्चों के साथ हैं, वे सुबह 8 बजे के बाद स्नान करें।