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सिंहस्थ 2028 — ब्लॉग और लेख

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गुहेश्वर महादेव उज्जैन: जब एक ऋषि के नाच से डोल उठी सृष्टि
History Mythology
Ritu Sharma
Oct 07, 2026 Ritu Sharma
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गुहेश्वर महादेव उज्जैन: जब एक ऋषि के नाच से डोल उठी सृष्टि

उज्जैन के 84 महादेवों में दूसरा स्थान गुहेश्वर महादेव का है। स्कन्दपुराण के अनुसार मंकणक ऋषि के हाथ से खून की जगह शाकरस निकला, तो वे गर्व से नाचने लगे और उनके साथ पूरा जगत डोलने लगा। शिव ने ब्राह्मण-वेश में आकर उनका गर्व तोड़ा और उन्हें महाकालवन की गुहा में स्थित लिंग के दर्शन के लिए भेजा। जानिए पुराण की कथा, महाभारत से उसका संबंध और दर्शन का फल।

अगस्त्येश्वर महादेव उज्जैन: ब्रह्महत्या से मुक्ति की कथा
History Mythology
Ritu Sharma
Oct 07, 2026 Ritu Sharma
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अगस्त्येश्वर महादेव उज्जैन: ब्रह्महत्या से मुक्ति की कथा

उज्जैन के 84 महादेवों की गिनती अगस्त्येश्वर महादेव से शुरू होती है। स्कन्दपुराण के अनुसार महर्षि अगस्त्य ने देवताओं को बचाने के लिए हज़ारों दानव जला दिए और इसी से उन पर ब्रह्महत्या का दोष लगा। ब्रह्मा के बताए लिंग की आराधना से वे मुक्त हुए और शिव ने लिंग को उन्हीं का नाम दिया। जानिए पुराण की असली कथा, पूजा के दिन और वे बातें जो कथा से मेल नहीं खातीं।

गेबी हनुमान मंदिर उज्जैन: पुराने शहर का छुपा हुआ चमत्कार
History Mythology
Ritu Sharma
Sep 17, 2026 Ritu Sharma
सत्यापित विशेषज्ञ

गेबी हनुमान मंदिर उज्जैन: पुराने शहर का छुपा हुआ चमत्कार

उज्जैन के पुराने शहर में ढाबा रोड की संकरी गलियों में बसा गेबी हनुमान मंदिर उज्जैन के सबसे शक्तिशाली हनुमान मंदिरों में से एक है। यहाँ की लगभग 6 फुट ऊँची स्वयंभू प्रतिमा रोज़ लाल सिंदूर और चमेली के तेल से सजाई जाती है। मंदिर का काला धागा (गोप) बुरी नज़र से रक्षा के लिए प्रसिद्ध है। मंगलवार और शनिवार को यहाँ हज़ारों श्रद्धालु आते हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर की पूरी कहानी और दर्शन की जानकारी।

सिद्धावट उज्जैन: पिंड दान, पितृ दोष और पूरी जानकारी
History Mythology
Ritu Sharma
Sep 16, 2026 Ritu Sharma
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सिद्धावट उज्जैन: पिंड दान, पितृ दोष और पूरी जानकारी

सिद्धावट मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे भैरवगढ़ में स्थित एक पवित्र वट वृक्ष तीर्थ है। हिंदू परंपरा में इसे भारत के 4 अमर वट वृक्षों में गिना जाता है। श्रद्धालु यहाँ पिंड दान, तर्पण और पितृ दोष पूजा के लिए आते हैं, और मान्यता है कि यहाँ किए गए पितृ कर्म का फल गया और प्रयाग के बराबर मिलता है। माँ पार्वती ने इस वट वृक्ष को स्वयं लगाया था और कार्तिकेय की इस स्थान से जुड़ी कथा कालिदास के कुमारसंभवम् में अमर हो गई है।

मंगलनाथ मंदिर उज्जैन: मंगल ग्रह के जन्मस्थान की पूरी जानकारी
History Mythology
Ritu Sharma
Sep 15, 2026 Ritu Sharma
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मंगलनाथ मंदिर उज्जैन: मंगल ग्रह के जन्मस्थान की पूरी जानकारी

मंगलनाथ मंदिर उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे स्थित है और इसे हिंदू परंपरा में मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। मंगल दोष निवारण के लिए देशभर से श्रद्धालु यहाँ भात पूजा करने आते हैं। चाहे आप ज्योतिषीय कारण से आ रहे हों या इतिहास और संस्कृति में रुचि रखते हों, यह गाइड आपको मंदिर के पौराणिक महत्व, पूजा विधि और यात्रा की व्यावहारिक जानकारी देती है।

गढ़कालिका मंदिर उज्जैन: इतिहास, किंवदंती और ASI उत्खनन
History Mythology
Ritu Sharma
Sep 11, 2026 Ritu Sharma
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गढ़कालिका मंदिर उज्जैन: इतिहास, किंवदंती और ASI उत्खनन

गढ़कालिका उज्जैन के सबसे प्राचीन शक्ति मंदिरों में से एक है, जो भैरवगढ़ क्षेत्र में क्षिप्रा नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। इस मंदिर का टीला प्राचीन उज्जयिनी का किला-नगर था, जिसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने उत्खनित किया और प्रारंभिक बस्ती को लगभग 700-500 ईसा पूर्व दिनांकित किया। यह वही स्थान है जिसे परंपरा कवि कालिदास के रूपांतरण से जोड़ती है। यह लेख दस्तावेजी इतिहास को लोकप्रिय मिथकों से अलग करता है।

हरसिद्धि मंदिर उज्जैन - 51 शक्तिपीठों में से एक, पूरी जानकारी
History Mythology
Ritu Sharma
Sep 05, 2026 Ritu Sharma
सत्यापित विशेषज्ञ

हरसिद्धि मंदिर उज्जैन - 51 शक्तिपीठों में से एक, पूरी जानकारी

हरसिद्धि मंदिर उज्जैन के 51 शक्तिपीठों में 13वां स्थान रखता है। शिव पुराण के अनुसार यहां देवी सती की कोहनी गिरी थी और देवी मंगल चंडिका के रूप में विराजमान हैं। मराठा काल में रानोजी शिंदे (सिंधिया) ने इसका पुनर्निर्माण कराया। 51 फीट ऊंचे दो दीप स्तंभों पर नवरात्रि में एक हजार से अधिक दीपक जलाए जाते हैं। महाकालेश्वर मंदिर से महज 600 मीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर उज्जैन के हर तीर्थयात्री की सूची में सबसे ऊपर रहता है।

गोपाल मंदिर उज्जैन: इतिहास, वास्तुकला और धार्मिक महत्व
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Ritu Sharma
Sep 04, 2026 Ritu Sharma
सत्यापित विशेषज्ञ

गोपाल मंदिर उज्जैन: इतिहास, वास्तुकला और धार्मिक महत्व

उज्जैन का गोपाल मंदिर, जिसे श्री द्वारकाधीश गोपाल मंदिर भी कहते हैं, 19वीं सदी में मराठा शासन के दौरान महारानी बायजाबाई शिंदे ने बनवाया था। यह मंदिर मराठा वास्तुकला, काले पत्थर की कृष्ण प्रतिमा और चांदी के दरवाजों के लिए जाना जाता है। यहाँ हर साल हरिहर मिलन और जन्माष्टमी की परंपराएं श्रद्धालुओं को खींचती हैं। महाकाल मंदिर से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर पत्नी बाजार में स्थित इस मंदिर में प्रवेश नि:शुल्क है।

चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन: इतिहास, तीन प्रतिमाएं और दर्शन गाइड
History Mythology
Ritu Sharma
Sep 03, 2026 Ritu Sharma
सत्यापित विशेषज्ञ

चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन: इतिहास, तीन प्रतिमाएं और दर्शन गाइड

उज्जैन से लगभग 7 किलोमीटर दूर ग्राम जवास्या में स्थित चिंतामन गणेश मंदिर मध्य प्रदेश के प्राचीनतम गणेश तीर्थों में गिना जाता है। यहाँ एक ही गर्भगृह में तीन अलग-अलग स्वयंभू गणेश स्वरूप विराजमान हैं, यह संयोग भारत में बहुत कम जगह मिलता है। परमारकालीन नक्काशीदार स्तंभ, श्रीराम की वन-यात्रा से जुड़ी पुरानी मान्यता और लक्ष्मण बावड़ी; इस मंदिर को समझना दर्शन से पहले ज़रूरी है।

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