भर्तृहरि गुफा, उज्जैन: कवि, योगी, और गुफा के पीछे की किंवदंती
उज्जैन की भर्तृहरि गुफा क्षिप्रा नदी के तट पर गढ़कालिका मंदिर के बग़ल में है, और यह तमाशे पर बने शहर की शांत जगहों में से एक है। यह दो अलग-अलग भर्तृहरि को एक में मिलाती है: 5वीं शताब्दी ईस्वी के संस्कृत कवि-वैयाकरण और वो किंवदंती वाले नाथ त्यागी-राजा जिन्होंने सिंहासन छोड़ दिया। जानिए प्रमाण क्या कहते हैं, किंवदंती क्या है, और सिंहस्थ 2028 से पहले या उसके दौरान कैसे जाएँ।