सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यों में कमी पर क्या कार्रवाई हुई?
संभागायुक्त आशीष सिंह ने दो अलग मामलों में कुल तीन पक्षों पर 5-5 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। एक सीसी रोड की फिनिशिंग का मामला है, दूसरा थर्ड पार्टी ऑडिट का।
सीसी रोड की खराब फिनिशिंग पर क्या हुआ?
संभागायुक्त और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने लोक निर्माण विभाग के सड़क कार्यों का निरीक्षण किया। सीसी रोड की साइड की फिनिशिंग सही नहीं मिली, इसलिए निर्माण एजेंसी मेसर्स बोहरे कंस्ट्रक्शन पर 5 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए गए।
निर्माण के दौरान इंजीनियरों को कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहना होगा। CIEL द्वारा किए गए ऑडिट में कोर कटिंग की स्ट्रेंथ सही पाई गई थी, यानी पेनाल्टी मज़बूती पर नहीं, फिनिशिंग पर है।
निरीक्षण में शंकराचार्य चौराहे को जोड़ने वाले अंडरपास, बड़ा पुल से रणजीत हनुमान मंदिर होकर मोजमखेड़ी तक के 4.6 किमी लंबे फोरलेन मार्ग और मोजमखेड़ी से कालभैरव तक के 0.9 किमी लंबे मार्ग को भी देखा गया।
थर्ड पार्टी ऑडिट में पुलिस हाउसिंग के ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई हुई?
थर्ड पार्टी ऑडिट में कमियाँ मिलने पर पुलिस हाउसिंग के दो ठेकेदारों पर 5-5 लाख रुपये की पेनाल्टी लगी। संभागायुक्त ने कमियाँ तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कमियाँ क्या थीं, यह जानकारी पोस्ट में नहीं दी गई है।
सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी परियोजना कितनी पूरी हुई?
सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी परियोजना का 84% कार्य पूरा हो चुका है। करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस योजना में 51 एमसीएम क्षमता का सिलारखेड़ी बैलेंसिंग रिजर्वायर और सेवरखेड़ी डेम तैयार हो गए हैं।
इस योजना से शिप्रा नदी में 9 महीने तक जल प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलेगी। बाकी 16% कार्य कब तक पूरा होगा, यह जानकारी अभी नहीं आई है।
श्रद्धालुओं के लिए यह खबर अभी क्यों मायने रखती है?
शिप्रा का जल प्रवाह स्नान के लिए सबसे ज़रूरी बात है। परियोजना के 84% पूरा होने से नदी में लंबे समय तक पानी रखने की तैयारी आगे बढ़ी है।
सड़कों के मामले में शंकराचार्य चौराहा नदी तट और मेला क्षेत्र को जोड़ता है, और संभागायुक्त चाहते हैं कि वहाँ करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन मिले। निर्माण की गुणवत्ता पर पेनाल्टी लगना बताता है कि जाँच कागज़ों तक सीमित नहीं है।