उज्जैन के संयुक्त निरीक्षण में कौन से निर्माण कार्य देखे गए?

निरीक्षण में पाँच कार्यों की प्रगति देखी गई: गीता भवन, शांति पैलेस बायपास फ्लाईओवर, शांति पैलेस से नानाखेड़ा मार्ग का चौड़ीकरण, डी-मार्ट के पास घाट निर्माण और सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना।

निरीक्षण में कौन-कौन शामिल हुआ?

सांसद अनिल फिरोजिया और विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के साथ नगर निगम सभापति कलावती यादव, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी और सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल मौजूद रहे।

प्रशासन की ओर से संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और अपर मेला अधिकारी ओमप्रकाश सनोडिया सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना क्या है और कितनी पूरी हुई?

परियोजना का 86% कार्य पूरा हो चुका है। जनप्रतिनिधियों ने इस प्रगति पर संतोष जताया। यानी करीब सातवें हिस्से का काम बाकी है, जिसकी तारीख़ पोस्ट में नहीं दी गई।

लगभग 614 करोड़ रुपये की इस परियोजना का भूमि पूजन 13 जनवरी 2025 को हुआ था। इसका उद्देश्य क्षिप्रा (शिप्रा) में साल भर पानी का प्रवाह बनाए रखना है। इससे सिंहस्थ से पहले श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पानी और उज्जैन के लोगों के लिए पेयजल भी मिलेगा।

इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक 4 लेन ग्रीन फील्ड रोड का क्या हाल है?

संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और अपर मेला अधिकारी ओमप्रकाश सनोडिया ने इस सड़क का निरीक्षण किया। पोस्ट में निर्माण की प्रगति या निर्देशों का ब्योरा नहीं दिया गया है।

लगभग 2,935 करोड़ रुपये की इस सड़क का भूमि पूजन 20 जून 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चंद्रावतीगंज में किया था। रिपोर्टों के अनुसार इससे इंदौर से उज्जैन का सफ़र करीब 30 मिनट का रह जाएगा।

गीता भवन कहाँ बन रहा है?

गीता भवन त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर प्रस्तावित है, शिप्रा विहार कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के सामने। यह करीब 77 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बनना है। इसका भूमि पूजन 17 मार्च 2026 को हुआ था।

श्रद्धालुओं के लिए यह खबर अभी क्यों मायने रखती है?

स्नान की व्यवस्था शिप्रा में पानी के प्रवाह पर टिकी है, इसलिए 86% का आँकड़ा पाठकों के लिए सबसे काम का है। शांति पैलेस फ्लाईओवर और नानाखेड़ा मार्ग का चौड़ीकरण शहर के भीतर की आवाजाही से जुड़े काम हैं।

अगर आप 2028 में उज्जैन आने की योजना बना रहे हैं, तो इन कामों पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की संयुक्त नज़र है। सरकार ने सिंहस्थ के कार्य दीपावली 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य रखा है, और नए निर्देश में भी तय समय और गुणवत्ता पर ज़ोर है।

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संपादकीय सार संक्षेप

  • गीता भवन, शांति पैलेस फ्लाईओवर, नानाखेड़ा मार्ग चौड़ीकरण और डी-मार्ट के पास घाट निर्माण की प्रगति देखी गई।
  • सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 86% कार्य पूरा है, लागत करीब 614 करोड़ रुपये।
  • सभी काम तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश।
  • इंदौर-उज्जैन वैकल्पिक 4 लेन ग्रीन फील्ड रोड (करीब 2,935 करोड़ रुपये) का भी निरीक्षण हुआ।
  • गीता भवन करीब 77 करोड़ रुपये की लागत से त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर बनना है।

उज्जैन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सिंहस्थ 2028 के कार्यों का संयुक्त निरीक्षण किया और समय पर गुणवत्ता के साथ काम पूरे करने को कहा।