आज ओंकारेश्वर में क्या हुआ?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मांधाता पर्वत स्थित एकात्म धाम में पंचायतन मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने भारत की संन्यास परंपरा के प्रतिनिधियों, षड्दर्शन संत मंडल के संतों और विशिष्ट अतिथियों के साथ 45 पवित्र शिलाओं का पूजन किया।
वैदिक अनुष्ठान श्री वेंकटेश्वर वेद विज्ञान पीठम् धर्मगिरि (आंध्र प्रदेश), दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम् (कर्नाटक) और श्री श्री गुरुकुल के आचार्यों ने संपन्न कराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ शामिल हुए।
एकात्म धाम को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एकात्म धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सनातन ज्ञान परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकात्मता का केंद्र बनेगा।
उन्होंने बताया कि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने विभिन्न उपासना पद्धतियों के बीच समन्वय के लिए पंचायतन पूजन की परंपरा प्रतिष्ठित की थी, और यह मंदिर उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय शुरू हुए एकात्म धाम और मंदिर निर्माण के काम को वर्तमान सरकार आगे बढ़ा रही है।
सिंहस्थ-2028 से इस मंदिर का क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुताबिक, सिंहस्थ-2028 से पहले एक भव्य एकात्म यात्रा निकाली जाएगी, जिसका समापन सिंहस्थ के दौरान होगा। यह यात्रा भारतीय ज्ञान परंपरा, संत परंपरा और एकात्म दर्शन का संदेश देश-दुनिया तक पहुंचाएगी।
उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर और उज्जैन दोनों ही आंतरिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं, और यह दोनों स्थान मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे भारत और दुनिया के लिए आध्यात्मिक केंद्र बनेंगे।
पंचायतन मंदिर की वास्तुकला कैसी होगी?
प्राचीन पंचायतन शैली पर आधारित इस मंदिर के केंद्र में भगवान शिव का मुख्य देवालय होगा। चारों कोनों पर भगवान विष्णु, भगवान सूर्य, भगवान गणेश और भगवती शक्ति के उप-देवालय बनाए जाएंगे।
मुख्य देवालय का शिखर 'सोमतिलक' शैली में और गर्भगृह 'सर्वतोभद्र' शैली में बनेगा। मंदिर में चारों दिशाओं से प्रवेश की व्यवस्था होगी।
मंदिर की मुख्य विशेषताएं इस तरह हैं:
- 100 कलात्मक नक्काशीदार स्तंभ और 8 लघु संवर्णा
- मुख्य मंडप में 26 फीट व्यास का कलात्मक गुंबद
- 16 फीट ऊंचे आधारभूत अधिष्ठान 'जगति' पर निर्माण
- 121 कलशों से मंदिर की सजावट
- निर्माण में करीब 80,000 घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग
मंदिर पारंपरिक नागर शैली में बन रहा है, जिसका बाह्य वास्तु-विन्यास भद्र, कर्ण, प्रतिरथ, देवकोष्ठ और अलंकृत पट्टिकाओं से सुसज्जित होगा।
यह प्रोजेक्ट कब शुरू हुआ था?
एकात्म धाम और मंदिर निर्माण की परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में शुरू हुई थी, जिसे मौजूदा सरकार आगे बढ़ा रही है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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